“दो बाइक सवार आए… गोलियां चलीं… और हमलावर गायब।”
पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में कुछ ऐसी घटनाएँ सामने आईं जिनमें भारत में वांछित या भारत-विरोधी आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया। कई मामलों में पुलिस रिकॉर्ड में हमलावरों की पहचान सामने नहीं आई। यहीं से एक नाम लोकप्रिय हुआ— “Unknown Gunmen”
इन घटनाओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था, भारत-पाकिस्तान intelligence war और RAW की कथित भूमिका को लेकर दुनिया भर में सवाल खड़े कर दिए।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है— "आखिर ये Unknown Gunmen हैं कौन"?
🕵️ Unknown Gunman आखिर है क्या?
“Unknown Gunman” किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं है।
यह एक Media Label है, जिसका इस्तेमाल उन अज्ञात हमलावरों के लिए किया गया है जिन्होंने पाकिस्तान में कुछ high-profile targets पर हमले किए।
India Today ने दिसंबर 2023 में ऐसे कई मामलों को एक साथ देखते हुए रिपोर्ट किया था कि पाकिस्तान में भारत द्वारा वांछित आतंकवादियों की लगातार हत्याओं में हमलावरों को “unknown gunmen” बताया जा रहा था।
इन घटनाओं में एक समानता दिखाई दी—
- target पहले से किसी militant/terror network से जुड़ा बताया गया
- हमला अचानक हुआ
- हमलावरों की पहचान स्पष्ट नहीं हुई
- किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली
- हमलावर अक्सर मौके से फरार हो गए
लेकिन इन समानताओं से यह साबित नहीं होता कि सभी घटनाओं के पीछे एक ही संगठन या Agency थी।
🎯 पहला बड़ा सवाल—Target कौन थे?
इन घटनाओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू targets हैं। रिपोर्टों में जिन लोगों की हत्या या targeting सामने आई, उनमें Lashkar-e-Taiba (LeT), Jaish-e-Mohammed (JeM) और दूसरे militant networks से जुड़े व्यक्तियों के नाम सामने आए।
उदाहरण के लिए Hanzla Adnan, जिसे LeT से जोड़ा गया था, दिसंबर 2023 में Karachi में गोलीबारी में मारा गया। इसके आसपास के समय में अन्य militant figures की भी पाकिस्तान में targeted killings की खबरें आईं।इसी तरह 2025 में Abu Qatal Sindhi, जिसे ThePrint ने LeT commander बताया, Jhelum क्षेत्र में unidentified gunmen द्वारा मारा गया। भारतीय security sources ने उसे Rajouri-Poonch क्षेत्र में infiltration और Attacks से जोड़ने का दावा किया था।
🔥 Shahid Latif: Pathankot से जुड़ा नाम
एक और चर्चित मामला था Shahid Latif का। Shahid Latif को 2016 Pathankot attack के mastermind के रूप में भारतीय अधिकारियों द्वारा वांछित बताया गया था।
अक्टूबर 2023 में Pakistan के Sialkot क्षेत्र में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों की पहचान सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हो सकी। इसके बाद भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सवाल उठने लगे—
क्या ये सिर्फ आपसी दुश्मनी थी?
क्या militant groups के अंदर ही कोई conflict था?
या किसी foreign intelligence agency का हाथ था?
यहीं से “Unknown Gunmen” की कहानी और ज्यादा चर्चित हो गई।
🕵️♂️ RAW का नाम क्यों सामने आया?
इन घटनाओं के बाद Pakistan की तरफ से कई बार भारतीय intelligence agency RAW (Research and Analysis Wing) पर आरोप लगाए गए।
2024 में The Guardian ने Pakistani और Indian intelligence sources के दावों के आधार पर रिपोर्ट किया कि पाकिस्तान में कुछ targeted killings के पीछे RAW का हाथ होने का आरोप लगाया गया था। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया और उन्हें propaganda बताया। इसलिए यहां एक महत्वपूर्ण Distinction समझना जरूरी है:
आरोप ≠ प्रमाण
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि हर “Unknown Gunman” operation RAW ने किया था।
कई मामलों में वास्तविक Perpetrators की पहचान आज भी सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुई है।
पाकिस्तान की चिंता क्यों बढ़ी?
अगर किसी देश में high-profile militant leaders सुरक्षित स्थानों पर रहने के बावजूद एक-एक करके targeted attacks में मारे जाने लगें, तो उसके security establishment के सामने बड़ा सवाल खड़ा होता है।
क्योंकि इसका अर्थ हो सकता है कि—
किसी को Target की location पता है।
किसी को उसकी Routine पता है।
किसी को उसकी Security व्यवस्था की जानकारी है।
और सबसे महत्वपूर्ण—
हमला करने के बाद Attackers गायब हो जाते हैं।
यही कारण है कि “Unknown Gunmen” शब्द ने Pakistan की security debate में अलग जगह बना ली।
🧩 क्या यह भारत की नई Covert Warfare Strategy है?
यह सबसे controversial सवाल है।
कुछ analysts इन घटनाओं को भारत की कथित “proactive counter-terrorism” approach से जोड़ते हैं।
इस theory के अनुसार भारत केवल सीमा पार से होने वाले हमलों का जवाब देने के बजाय उन networks को उनके सुरक्षित ठिकानों के भीतर target करने की क्षमता विकसित करना चाहता है।
लेकिन यह एक Analytical Interpretation है, Officially Confirmed Indian Doctrine नहीं।
भारत सरकार ने पाकिस्तान में इन कथित killings को RAW operations के रूप में publicly स्वीकार नहीं किया है।
🌍 दुनिया में ऐसी strategy पहले भी देखी गई है
Intelligence history में foreign territory में covert action कोई नई बात नहीं है।
दुनिया की विभिन्न intelligence agencies पर अलग-अलग समय में targeted operations, clandestine networks और covert action के आरोप लगते रहे हैं।
लेकिन हर incident में attribution सबसे मुश्किल हिस्सा होता है।
क्योंकि एक सफल covert operation की सबसे बड़ी विशेषता ही यही होती है—
जिसने किया, उसका नाम सामने न आए।
⚠️ लेकिन एक और संभावना भी है
हर हत्या को Intelligence Operation मान लेना गलत होगा।
Pakistan में militant organizations के बीच:
- Internal Rivalries
- Financial Disputes
- Leadership Conflicts
- Sectarian Tensions
- Local Criminal Networks
- Intelligence/Security Operations
जैसे कई factors भी हो सकते हैं। इसलिए “Unknown Gunman = RAW” का सीधा Equation साबित तथ्य नहीं है।
🔥 2025 में Abu Qatal Sindhi का मामला
मार्च 2025 में Abu Qatal Sindhi की Jhelum क्षेत्र में हत्या की खबर आई। ThePrint के अनुसार भारतीय security sources ने उसे LeT के launch-pad network और Rajouri-Poonch क्षेत्र में infiltration तथा drone-based arms drops से जोड़ा। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि target को सीधे Jammu & Kashmir में militant activity से जोड़ा गया था। इस तरह की घटनाओं ने यह सवाल फिर उठाया—
क्या Pakistan में मौजूद India-focused militant infrastructure अब पहले जितना सुरक्षित है?
📰 2026 में भी जारी रही ऐसी घटनाएँ
2026 में भी Pakistan में militant figures को unidentified attackers द्वारा target किए जाने की खबरें सामने आईं।
मई 2026 में Hamza Burhan, जिसे 2019 Pulwama attack से जुड़े alleged mastermind के रूप में रिपोर्ट किया गया, Muzaffarabad में unidentified gunmen द्वारा मारा गया।
इसी तरह अप्रैल 2026 में LeT co-founder Amir Hamza पर Lahore में shooting की खबर सामने आई, हालांकि उस मामले में वह बच गया और attackers की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई।
इससे “Unknown Gunmen” phenomenon पर चर्चा फिर तेज हुई।
🧠 लेकिन सबसे बड़ा रहस्य क्या है?
इन घटनाओं की सबसे दिलचस्प बात केवल यह नहीं है कि targets मारे गए।
असल Mystery है—
हमलावर कौन थे?
कई मामलों में:
न कोई Claim of Responsibility।
न कोई स्पष्ट संगठन।
न कोई गिरफ्तार Attacker।
न कोई Officially Confirmed Foreign Agency।
और इसके बावजूद—
Target कौन था, यह अक्सर बेहद स्पष्ट था।
यही contradiction इस कहानी को intelligence thriller जैसा बनाता है।
क्या भारत ने इसे कभी officially स्वीकार किया?
नहीं।
यह सबसे जरूरी बात है। भारत ने पाकिस्तान में हुई इन illings को RAW के covert assassination programme के रूप में सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।
“भारत पर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन भारत ने इन आरोपों से इनकार किया है।”
न कि— “RAW ने इन सभी आतंकवादियों को मार गिराया।”
🎯 Unknown Gunmen की कहानी का असली मतलब
हो सकता है कि भविष्य में इन घटनाओं के पीछे की वास्तविक कहानी सामने आए। हो सकता है कुछ घटनाएँ intelligence operations रही हों। हो सकता है कुछ militant infighting का परिणाम रही हों। और संभव है कि अलग-अलग घटनाओं के पीछे अलग-अलग actors हों। लेकिन एक बात निश्चित है—
Pakistan में India-focused militant networks से जुड़े कई high-profile लोगों की unexplained targeted deaths ने South Asian intelligence landscape में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।
और यही सवाल इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा hook है—
“Unknown Gunman कौन है?”
RAW का shadow agent?
किसी rival terror group का hitman?
Pakistan की अपनी intelligence machinery?
या फिर अलग-अलग घटनाओं के पीछे अलग-अलग ताकतें?
जवाब आज भी पूरी तरह सामने नहीं आया है।